बिहारदरभंगा

कृषि विज्ञान केंद्र जाले में मुर्गी पालन पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

कृषि विज्ञान केंद्र जाले, दरभंगा में मुर्गी पालन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू। ग्रामीणों को आय, पोषण सुरक्षा और सरकार योजना की जानकारी।

दरभंगा, जाले।
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) जाले, दरभंगा में मुर्गी पालन विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ वरीय वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष की अध्यक्षता में किया गया। प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में डॉ. दिव्यांशु शेखर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गी पालन पोषण सुरक्षा और आय वृद्धि का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि घर के आंगन में देशी एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल मुर्गियों का पालन कर वंचित वर्ग, महिलाएँ तथा भूमिहीन किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।

कार्यक्रम की संचालिका ई० निधि कुमारी ने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण में कोयला स्थान, जोगियारा, भरवारा, जाले, केवटी, नरौछ धाम और भाट पोखर सहित विभिन्न क्षेत्रों से 40 ग्रामीण युवक-युवतियाँ भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के प्रथम दिन के पहले सत्र में डॉ. दीपक कुमार ने मुर्गियों में होने वाली विभिन्न बीमारियों, उनके लक्षण तथा रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं दूसरे सत्र में भीलवाड़ा के प्रगतिशील किसान अनिल कुमार ने मुर्गियों के रखरखाव, उचित देखभाल और प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी साझा की।

आगामी सत्रों में प्रतिभागियों को मुर्गियों के सेड निर्माण, खान-पान प्रबंधन, विभिन्न रोगों की पहचान, बीमारियों के दौरान मुर्गियों के व्यवहार तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। आयोजकों के अनुसार यह प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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